Sunday 7th of June 2026

ब्रेकिंग

भैंस पकड़ने नदी में उतरे अधेड़ की डूबकर मौत, 29 जून को थी बेटी की शादी

प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने लखीमपुर खीरी में की योजनाओं की समीक्षा, दिए निर्देश

डीएम-एसएसपी ने जिला कारागार का किया औचक निरीक्षण, बंदियों से जाना हाल

ट्रांसफर में भी दिखा पारदर्शिता का मॉडल: कर्मचारियों ने खुद चुना ब्लॉक, मौके पर मिला आदेश

आरोपियों के पास से कैश चेक बुक और एक कार बरामद

धूमधाम से निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी... जश्न में डूबे लोग : धूमधाम से निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी... जश्न में डूबे

Gopal Giri

Fri, Sep 5, 2025

लखीमपुर खीरी। मजहबे इस्लाम के आखिरी पैगंबर रसूल हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम (मोहम्मद साहब) की यौमे पैदाइश को हर्षोल्लास से मनाया गया। शुक्रवार को शहर के मुख्य मार्गों से जुलूस बहुत ही अकीदत और एहतराम के साथ निकला। जुलूस में झांकियां, चार पहिया वाहन और बड़ी संख्या में बाइक सवार मौजूद रहे। इसके अलावा घोड़े और ऊंट पर अलग तरह की पोशाकों में सवार होकर अकीदतमंद शामिल रहे।

मरकजी कमेटी की तरफ से आयोजित जुलूस-ए-मोहम्मदी सोमवार सुबह मोहल्ला गोटैयाबाग से मीलाद, सलात और सलाम के बाद निकाला गया। मरकजी कमेटी के सचिव जुबेर अहमद राजू भाई ने बताया कि जुलूस मोहल्ला गोटैय्याबाग से चलकर बैंड मार्केट, हाथीपुर, मेला मैदान चौराहा होते हुए आनंद सिनेमा के सामने से गुजरता हुआ इमली चौराहा पहुंचा। वहां से जीजीआईसी के सामने से निकलकर, शाहपुरा कोठी, हिदायत नगर होते हुए नौरंगाबाद चौराहा पहुंचा।

यहां से डीएम बंगला सड़क से होकर सिकटिहा, सौजन्या चौराहा, बस अड्डा मार्ग, हीरालाल धर्मशाला चौराहे से तहसील मार्ग, सदर चौराहा, मुख्य मार्ग होते हुए मोहल्ला थरवरनगंज पहुंचा। बताया कि मीलाद, सलात और सलाम के बाद जुलूस का समापन किया गया। इस बीच जगह-जगह लंगर होते रहे और लोगों ने नारे तकबीर अल्लाह हू अकबर, सरकार की आमद मरहबा के नारे लगाए।

मोहल्ला गोटय्याबाग से जुलूस की अगुवाई मो अली उर्फ गुड्डू, मो दानिश ने की। जुलूस में मरकजी कमेटी के अध्यक्ष सूफी मुनीर अहमद, मो शाहिद, मो इश्तियाक अहमद, शाहिद अहमद, शादाब वारसी, भूटानी खां, मो आरिफ, मो सईद, मेराज अहमद, सिद्दीक वारसी, जहीर, खालिद, सलमान घोसी समेत कमेटी के लोग व हजारों की तादात में अकीदतमंद मौजूद रहे।

-

जुलूस निकलने से पहले की गई यह अपील

जुलूस के दौरान राह चलते कमजोरों, औरतों, बुजुर्गों, और मरीजों की गाड़ियों को निकलने के लिए रास्ता दें।

जुलूस किसी भी धर्मस्थल के सामने से गुजरे तो आवाज कम कर लें।

अमन के साथ जुलूस निकालें और दूसरों के लिए मिसाल बनें।

जुलूस में शरीक हजरात अदब व एहतराम के साथ दुरूद व सलाम पढ़ते चलें।

जुलूस में ऐसे नारे लगाना सख्त मना है जिस से किसी की भावना आहत हो।

Tags :

धार्मिक, जुलूस

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें