घायल को अपने वाहन से पहुंचाया अस्पताल , बची जान चारो तरफ हो रहीसराहना : थानाध्यक्ष ने पेश की मानवता की मिशाल
Gopal Giri
Wed, Oct 15, 2025
लखीमपुर खीरी (धौरहरा)।
"मानवता ही धर्म है"—इस कथन को एक बार फिर ज़मीन पर उतारा है कोतवाली धौरहरा के प्रभारी निरीक्षक शिवाजी दुबे ने। शनिवार देर शाम करौंहा गांव में हुए गोलीकांड की सूचना मिलते ही उन्होंने अपने पूरे दलबल के साथ मौके पर पहुँचकर न सिर्फ हालात को काबू में लिया, बल्कि लापता घायल युवक अन्नू तिवारी की जान भी बचाई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोलीकांड में घायल युवक घटना स्थल से गायब था। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक शिवाजी दुबे ने तुरंत अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और अथक प्रयासों के बाद घायल युवक को 15 किमी दूर एक गांव से ढूंढ निकाला। उस समय युवक की हालत गंभीर थी और वह खून से लथपथ था।
ऐसे में समय का एक-एक पल कीमती था। कोतवाल दुबे ने न एम्बुलेंस का इंतजार किया, न ही किसी अन्य वाहन का। उन्होंने मानवता को सर्वोपरि रखते हुए अपनी ही सरकारी गाड़ी में घायल युवक को अस्पताल पहुंचाने का निर्णय लिया। उन्होंने गाड़ी चालक को तेज गति से वाहन चलाने का निर्देश दिया और सीधे ओयल स्थित जिला अस्पताल पहुंचे।
अस्पताल पहुंचकर घायल युवक को तुरंत भर्ती कराया गया। यही नहीं, प्रभारी निरीक्षक खुद अस्पताल में इलाज शुरू होने तक मौजूद रहे, और पूरी स्थिति पर नजर बनाए रखी।
कोतवाल की तत्परता की हो रही सराहना
घायल युवक की जान बचाने में जिस फुर्ती, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय प्रभारी निरीक्षक शिवाजी दुबे ने दिया, उसकी क्षेत्र भर में सराहना हो रही है। सोशल मीडिया से लेकर गांव-गिरांव तक लोग कह रहे हैं कि “अगर हर पुलिस अफसर ऐसा हो, तो जनता खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस करेगी।”
मानवता और खाकी दोनों की हुई जीत
इस पूरे घटनाक्रम ने न सिर्फ मानवता की मिसाल पेश की, बल्कि पुलिस विभाग की सकारात्मक छवि को भी मजबूती दी है। कोतवाल शिवाजी दुबे का यह कार्य यह दर्शाता है कि जब खाकी में सेवा और संवेदना दोनों शामिल हों, तो वह वर्दी वाकई में समाज का रक्षक है
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