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साहब मेरे बच्चे को ज़िंदा कर दो l : नवजात का शव झोले में लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच पिता l प्राइवेट अस्पताल पर लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप

Gopal Giri

Sat, Aug 23, 2025

लखीमपुर खीरी कलेक्ट्रेट सभागार में उसे समय हड़कंप मच गया जब शख्स झोले में नवजात बच्चे का शव रखकर पहुंच गया. यह देख डीएम कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल हो गया. शख्स ने बताया कि उसकी पत्नी ने एक निजी अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था. लेकिन, अस्पताल की लापरवाही से बच्चे की मौत हो गई और पत्नी की हालत बिगड़ गई. शख्स ने डीएम से कार्रवाई की मांग की है.

जिले के महेवागंज स्थित गोलदार अस्पताल में घटी घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया. इलाज में लापरवाही और पैसों की मांग के चलते महिला का नवजात बच्चा मर गया और मां की हालत नाजुक हो गई. आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने महिला को इलाज देने के बजाय जबरन बाहर कर दिया. शुक्रवार को बच्चे का शव झोले में रखकर पिता विपिन गुप्ता जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा. वहां उन्होंने अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की.

लखीमपुर खीरी जिले के भीरा थाना क्षेत्र के ग्राम नौसर जोगी निवासी विपिन गुप्ता की पत्नी रूबी गुप्ता गर्भवती थीं. बुधवार की रात प्रसव पीड़ा बढ़ने पर परिजनों ने उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिजुआ में भर्ती कराया. डॉक्टरों ने बताया कि प्रसव का समय अभी नहीं है, लेकिन हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया. इसी बीच रूबी की बहन ने गांव की आशा बहू दीपा से संपर्क किया.

दीपा ने मरीज को महेवागंज स्थित गोलदार हॉस्पिटल भेजने की सलाह दी. रात ढाई बजे महिला को गोलदार हॉस्पिटल ले जाया गया. यहां मौजूद डॉ. हुकुमा गुप्ता और मनीष गुप्ता ने जांच की और परिजनों से 10 हजार रुपए नार्मल डिलीवरी तथा 12 हजार रुपए छोटे ऑपरेशन के नाम पर मांगे.

परिजनों का आरोप है कि रूबी की हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने से पहले 25 हजार रुपए अग्रिम जमा करने की बात कही. विपिन गुप्ता ने तत्काल 5 हजार रुपए दिए और शेष रकम सुबह तक देने का आश्वासन दिया, लेकिन डॉक्टरों ने इलाज में टालमटोल शुरू कर दी.

इलाज शुरू होते ही महिला की हालत और ज्यादा गंभीर हो गई. आरोप है कि जब स्थिति नाजुक हो गई, तो डॉक्टरों ने इलाज से हाथ खड़े कर दिए. इतना ही नहीं, अस्पताल की नर्सों की मदद से महिला को जबरन अस्पताल से बाहर निकाल दिया गया.

शुक्रवार को पिता विपिन गुप्ता मृत बच्चे का शव झोले में रखकर जिला मुख्यालय पहुंचे. पहले उन्होंने डीएम कार्यालय और फिर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की. अचानक मृत बच्चे का शव झोले में देखकर लोग स्तब्ध रह गए.

विपिन गुप्ता का कहना है कि गोलदार हॉस्पिटल के डॉ. मनीष गुप्ता और हुकुमा गुप्ता ने लालच और लापरवाही से उनके बच्चे की जान ले ली. उन्होंने आरोप लगाया कि इलाज की जगह दोनों डॉक्टर लगातार पैसे की मांग करते रहे.

नवजात शिशु के शव के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे पिता की शिकायत के अधिकारी आनन फानन में एक्शन में आए और अस्पताल पहुंचे l

मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर संतोष कुमार और सदर एसडीएम ने अस्पताल को सीज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है

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