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देश विदेश में पहचाना जाएगा लखीमपुर का थारू कल्चर : लखीमपुर के थारू शिल्पग्राम को मिलेगी नई पहचान

Gopal Giri

Mon, Aug 11, 2025

खीमपुर खीरी। दुधवा के जंगलों के बीच बसे थारू जनजाति की संस्कृति और हुनर को अब दुनिया के सामने और भव्य रूप में पेश करने की तैयारी शुरू हो गई है। तहसील पलिया के सुदूरवर्ती वन क्षेत्र में स्थित थारू शिल्पग्राम को एक पर्यटन हब के रूप में विकसित करने के लिए जिला प्रशासन ने मास्टर प्लान तैयार किया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित अटल सभागार में डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इस दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में इको टूरिज्म निदेशक प्रखर मिश्रा भी विशेष रूप से शामिल हुए।

डीएम ने कहा कि थारू शिल्पग्राम न सिर्फ थारू जनजाति की कला, परंपरा और जीवनशैली को सहेजने का केंद्र बनेगा, बल्कि यह क्षेत्रीय पर्यटन के नए आयाम भी स्थापित करेगा। इसके लिए परिसर को पूरी तरह सौर ऊर्जा से संतृप्त करने का निर्णय लिया गया, जिससे यह पर्यावरण अनुकूल और सतत ऊर्जा का आदर्श उदाहरण बने।

बैठक में तय किया गया कि शिल्पग्राम परिसर में थारू म्यूजियम बनाने का प्रस्ताव संस्कृति विभाग को भेजा जाएगा। जिसमें थारू जनजाति की पारंपरिक वेशभूषा, हस्तशिल्प, लोकगीत, नृत्य और दैनिक जीवन की झलकियां प्रदर्शित होंगी। इसके लिए पर्यटन विभाग, संस्कृति विभाग से समन्वय स्थापित कर कार्ययोजना लागू की जाएगी।

डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिल्पग्राम के संचालन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां 20 सितंबर तक पूरी कर ली जाएं। संचालन के लिए गठित समिति का सोसाइटी एक्ट के तहत पंजीकरण भी इसी अवधि में करा दिया जाएगा, ताकि आगे कार्यक्रमों और गतिविधियों का संचालन व्यवस्थित ढंग से हो सके।

नवंबर में प्रस्तावित दुधवा महोत्सव को लेकर भी बैठक में योजना बनी। डीएम ने बताया कि महोत्सव का आयोजन शिल्पग्राम के आसपास स्थल चिह्नित कर किया जाएगा, जिससे यहां आने वाले देशी-विदेशी पर्यटक थारू संस्कृति, भोजन और हस्तशिल्प का आनंद एक साथ उठा सकेंगे।

बैठक में परियोजना अधिकारी एकीकृत जनजाति विकास परियोजना यूके सिंह ने थारू शिल्पग्राम को नई पहचान देने की कार्ययोजना साझा की। बैठक में पीडी एसएन चौरसिया, एसडीएम डॉ. अवनीश कुमार, रत्नाकर मिश्रा, डीसी (एनआरएलएम) जितेंद्र कुमार मिश्र, बीडीओ पलिया सर्वेश कुमार तिवारी, उपायुक्त उद्योग उज्जवल सिंह मौजूद रहे।...

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