Monday 2nd of November 2026

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फर्जीवाड़े पर डीएम की बड़ी कार्रवाई : विवाह योजना के टेंडर में फर्जी दस्तावेज का मामला उजागर, फर्म ब्लैकलिस्ट

लखीमपुर खीरी। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कार्यक्रम आयोजन के लिए टेंडर प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेज लगाने का गंभीर मामला सामने आया है। अभिलेख सत्यापन में गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने आजमगढ़ की एक फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया। फर्म की 1,34,400 रुपये की धरोहर राशि (ईएमडी) भी जब्त कर ली गई है।

आज़मगढ़ स्थित मेसर्स मां विंध्यवासिनी ट्रेडर्स, जलालपुर ने जेम पोर्टल पर सामूहिक विवाह समारोह आयोजन हेतु टेंडर डाला था। फर्म ने इसके साथ कानपुर नगर के खंड विकास अधिकारी, घाटमपुर के नाम से वित्तीय वर्ष 2022–23 का एक अनुभव प्रमाणपत्र भी अपलोड किया था।

सत्यापन के लिए प्रमाणपत्र को जिला समाज कल्याण अधिकारी, कानपुर नगर को भेजा गया। जांच में कई अनियमितताएं उजागर हुईं। पता चला कि फर्म का चयन वास्तव में वर्ष 2024–25 में कानपुर नगर में आयोजन हेतु किया गया था और प्रदर्शन संतोषजनक न होने पर उसके भुगतान में 10 प्रतिशत कटौती भी की गई थी।
सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह निकला कि फर्म द्वारा प्रस्तुत अनुभव प्रमाणपत्र न तो जारी किया गया था और न ही उस पर किए गए हस्ताक्षर वास्तविक थे।

सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कूटरचित दस्तावेज लगाकर निविदा प्राप्त करना पूर्णतः अवैध है। इसी आधार पर फर्म को टेंडर फाइनल होने से पहले ही ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। पूरा मामला शासन को भेज दिया गया है

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